
मुंबई। ‘साजन घर में’ धारावाहिक में नज़र आ चुकीं अभिनेत्री मेघा शर्मा का मानना है कि ज़िंदगी और करियर में सफलता केवल किस्मत का खेल नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत, सही समय और थोड़ी-सी किस्मत के संतुलन से बनती है। अपने शांत और ज़मीन से जुड़े स्वभाव के लिए जानी जाने वाली मेघा कहती हैं कि किस्मत भले ही एक भूमिका निभाती हो, लेकिन वह अकेले कुछ नहीं कर सकती। उनके मुताबिक, “मेरा मानना है कि किस्मत असली है, लेकिन यह अकेले काम नहीं करती। कोशिश और सही समय बहुत ज़रूरी हैं। आप भाग्यशाली हो सकते हैं, लेकिन अगर आप तैयार नहीं हैं, तो आप मौका खो सकते हैं। और कभी-कभी आप बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन समय सही नहीं होता।” मेघा के अनुसार, सफलता तब मिलती है जब तैयारी और सही समय एक साथ मिलते हैं। विश्वास और मैनिफेस्टेशन पर बात करते हुए अभिनेत्री कहती हैं कि विचारों का इंसान के काम और फैसलों पर गहरा असर होता है। उनके शब्दों में, “मेरा मानना है कि हमारे विचार शक्तिशाली होते हैं। जब आप सच में किसी चीज़ पर विश्वास करते हैं, तो आपके काम भी धीरे-धीरे बदल जाते हैं। आप ज़्यादा फोकस्ड और धैर्यवान बन जाते हैं।” वह मैनिफेस्टेशन को किसी जादू की तरह नहीं, बल्कि एक पॉजिटिव माइंडसेट मानती हैं, जो इंसान को सही दिशा में आगे बढ़ने की ताक़त देता है। मेघा के लिए किस्मत से ज़्यादा माइंडसेट मायने रखता है। वह कहती हैं, “किस्मत एक दरवाज़ा खोल सकती है, लेकिन आपका माइंडसेट तय करता है कि आप उसके बाद कितनी दूर जाते हैं।” उनके मुताबिक, मज़बूत और शांत माइंडसेट इंसान को सफलता और असफलता दोनों हालात में संतुलित बनाए रखता है। अभिनेत्री यह भी बताती हैं कि वह कुछ आसान आदतें अपनाती हैं जो उन्हें शांति और आत्मविश्वास देती हैं। वह कहती हैं कि वह अंधविश्वासी नहीं हैं, लेकिन ज़रूरी काम से पहले माता-पिता और भगवान का आशीर्वाद लेना, या अपने पास एक छोटा ब्रेसलेट रखना, उन्हें मानसिक सुकून देता है। मेघा का मानना है कि लोग लगातार कोशिश, ईमानदारी और अनुशासन के ज़रिये अपनी अच्छी किस्मत खुद बनाते हैं। उनके अनुसार, “जब आप हर दिन सामने आते हैं, ईमानदारी से काम करते हैं और अच्छे फैसले लेते हैं, तो आप धीरे-धीरे अपनी किस्मत खुद बनाते हैं।” अपने पहले बड़े प्रोजेक्ट को याद करते हुए वह कहती हैं कि उन्हें खुद को बेहद लकी महसूस हुआ था, क्योंकि वह वही काम कर रही थीं जो उन्हें पसंद है। मेघा शर्मा के लिए सफलता सिर्फ़ मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़े रहना, पॉजिटिव सोचना और सफ़र के हर कदम के लिए शुक्रगुजार होना भी है।



