
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने 18 फरवरी को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके ठाणे स्थित निवास नंदनवन में मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब स्थानीय निकाय राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान शिंदे ने राज ठाकरे का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच कई राजनीतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि बातचीत सकारात्मक रही और हेरिटेज विषयों पर भी चर्चा हुई।
KDMC समीकरण के बाद बढ़ी राजनीतिक दिलचस्पी
इस मुलाकात को हाल ही में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में मनसे द्वारा शिंदे गुट को दिए गए समर्थन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। जनवरी 2026 में मनसे के पांच पार्षदों ने शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दिया था, जिससे स्थानीय सत्ता समीकरण मजबूत हुए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भर नहीं, बल्कि आने वाले निकाय और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी हो सकती है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह संपर्क हालिया स्थानीय चुनावों के बाद उभरी राजनीतिक परिस्थितियों के बीच रणनीतिक संवाद का हिस्सा माना जा रहा है। मनसे नेताओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर लिए गए फैसले परिस्थितियों और विकास के मुद्दों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। वहीं शिंदे गुट की ओर से भी यह कहा गया कि समर्थन विकास और स्थिरता के लिए स्वीकार किया गया है।
क्या बदलेंगे महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण?
राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे की यह बैठक ऐसे वक्त पर हुई है जब राज्य की राजनीति में गठबंधन और समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। हालांकि किसी नई राजनीतिक साझेदारी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस मुलाकात को भविष्य के राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से इसे सकारात्मक संवाद बताया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।




