Saturday, March 21, 2026
Google search engine
HomeArchitectureकिसानों का लॉन्ग मार्च समाप्त, सरकार से बनी सहमति, कई अहम मांगों...

किसानों का लॉन्ग मार्च समाप्त, सरकार से बनी सहमति, कई अहम मांगों पर सकारात्मक निर्णय

मुंबई। वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, पश्चिम की ओर बहने वाले पानी को राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की ओर मोड़ने और पेसा कानून के तहत भर्ती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा निकाला गया लॉन्ग मार्च गुरुवार को समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री गिरीश महाजन की मध्यस्थता में शासन स्तर पर हुई सकारात्मक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।
मुंबई की सीमा पर थमा आंदोलन
हजारों किसानों का यह मार्च बुधवार, 28 जनवरी को मुंबई की सीमा पर स्थित भातसा नगर फाटा तक पहुंच गया था। यदि मोर्चा मुंबई में प्रवेश करता, तो शहर के जनजीवन के प्रभावित होने की आशंका थी। गुरुवार, 29 जनवरी को नाशिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, ठाणे के पुलिस अधीक्षक डी. एस. स्वामी और शासन के प्रतिनिधि भातसा फाटा पहुंचे और किसानों को सरकार की भूमिका तथा बैठक के मिनट्स (इतिवृत्त) सौंपे। बैठक की कार्यवाही शुरू होने से पहले दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पूर्व विधायक जीवा पांडू गावित और किसान नेता कॉम्रेड अशोक ढवले ने प्रदर्शनकारियों को सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री गिरीश महाजन के कार्यालय की ओर से किसानों को उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की गई। सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई सहमति के तहत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं—
वन भूमि दावे: वन भूमि पर दावा करने वाले सभी किसानों के दावों की पुनः जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए मंत्रियों की एक विशेष क्रियान्वयन समिति गठित की गई है।
सरकारी योजनाओं का लाभ: वन भूमि धारकों को फसल निरीक्षण (पीक पाहणी) के आधार पर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
पेसा के तहत भर्ती: पेसा कानून के अंतर्गत 50 प्रतिशत रिक्त पदों को तत्काल भरने का आश्वासन दिया गया है।
बिजली आपूर्ति: ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
स्कूली पोषण आहार: मिड-डे मील एवं पोषण आहार कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का भरोसा दिया गया है।
शिक्षा सुविधाएं: दुर्गम क्षेत्रों के छात्रों के लिए बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और स्कूल भवनों की मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी।
पहले भी हुई थी विस्तृत बैठक
इससे पहले 27 जनवरी को मंत्रालय में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके और दादासाहेब भुसे सहित विभिन्न विभागों के मंत्रियों और सचिवों के साथ किसान शिष्टमंडल की करीब दो घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई थी। शिष्टमंडल में डॉ. अजीत नवल, विधायक विनोद निकोले, इंद्रजीत गावित सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद अखिल भारतीय किसान सभा ने आंदोलन फिलहाल स्थगित करने और लॉन्ग मार्च समाप्त करने का निर्णय लिया है, हालांकि संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे सरकार द्वारा किए गए वादों के क्रियान्वयन पर कड़ी नजर रखेंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments