Monday, January 12, 2026
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पर्यावरण संरक्षण के एक युग का अंत, डॉ. माधव गाडगिल के निधन पर मंत्री पंकजा मुंडे ने दी श्रद्धांजलि

मुंबई। विश्वविख्यात पर्यावरणविद्, वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रख्यात विचारक डॉ. माधव गाडगिल के निधन से देश ने पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत स्तंभ खो दिया है। जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास और जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बने रहेंगे। पश्चिमी घाट के संरक्षण सहित पर्यावरण जागरूकता के लिए उनकी मूल्याधारित भूमिका हमेशा स्मरणीय रहेगी, ऐसे शब्दों में राज्य की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. माधव गाडगिल का अल्पकालिक बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि डॉ. गाडगिल के जाने से देश की पर्यावरण आंदोलन और वैज्ञानिक अनुसंधान क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने जीवनभर जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास और पर्यावरणीय नीतियों की मजबूत वैज्ञानिक नींव तैयार करने का कार्य किया। भारत के पर्यावरण अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनका अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने जनसहभागिता के माध्यम से संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान के महत्व को निरंतर रेखांकित किया। “पर्यावरण केवल प्रकृति नहीं, बल्कि मानव भविष्य के साथ किया गया एक समझौता है,” उनका यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक और दिशादर्शक है। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि उनके निधन से एक संवेदनशील वैज्ञानिक, निर्भीक विचारक और प्रकृति का सच्चा संरक्षक हमसे विदा हो गया है। उन्होंने डॉ. माधव गाडगिल के कार्यों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की।

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