
नई दिल्ली। मुंबई के इंदू मिल परिसर में बन रहे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के भव्य अंतरराष्ट्रीय स्मारक को वर्ष 2027 तक पूरा करने के लिए महाराष्ट्र सरकार पूरी तरह प्रयासरत है। यह जानकारी महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे ने दी। सोमवार को दिल्ली दौरे के दौरान बनसोडे ने गाजियाबाद में प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार की कार्यशाला का दौरा किया और स्मारक के लिए तैयार किए जा रहे विशाल प्रतिमा के निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की।
लागत बढ़ने से अतिरिक्त निधि की जरूरत
महाराष्ट्र सदन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परियोजना की मूल लागत और वर्तमान खर्च में अंतर आ गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त निधि की आवश्यकता है। इसके लिए देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार से चर्चा की जाएगी। साथ ही एमएमआरडीए के माध्यम से समय पर निधि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया जाएगा।
350 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण जारी
स्मारक के तहत 350 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से लगभग 50 फीट (जूते और पैंट का हिस्सा) का काम पूरा हो चुका है। शेष हिस्सों का निर्माण और संयोजन कार्य आधुनिक तकनीक के साथ शिल्पकार अनिल सुतार के मार्गदर्शन में तेजी से चल रहा है। बनसोडे ने विश्वास जताया कि यह स्मारक 2027 तक पूरा होकर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा और यह वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख श्रद्धास्थल और प्रेरणा केंद्र के रूप में उभरेगा।




