
मुंबई। राज्य सरकार के आदेशानुसार ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं में नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। परिवहन विभाग और मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में पिछले कुछ दिनों में 263 अवैध वाहनों पर 3.88 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि ऐप-आधारित वाहन चलाने के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य है और चालकों को किराए का 80 प्रतिशत हिस्सा यात्रियों से प्राप्त राशि से मिलेगा। यात्रियों से सरकार द्वारा तय दर से कम या अधिक किराया वसूलना अपराध है। शिकायतों के आधार पर कई चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। राज्य सरकार की एग्रीगेटर नीति के अनुसार बिना लाइसेंस सेवाएँ देने वाले ऐप और उनके चालक दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में आएंगे। वर्तमान दरों के अनुसार ऑटो रिक्शा का पहला 1.5 किमी किराया 26 रुपए, काली-पीली टैक्सी का 31 रुपए और उसके बाद 20.66 रुपए प्रति किमी है, जबकि वातानुकूलित टैक्सियों के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त किराया लिया जाएगा। महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 के तहत ई-बाइक और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए पहले 1.5 किमी का किराया 15 रुपए और उसके बाद 10.27 रुपए प्रति किमी तय किया गया है। परिवहन विभाग के अतिरिक्त आयुक्त भरत कालस्कर ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




