
मुंबई। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने ड्यूटी के दौरान शराब पीने वाले ड्राइवरों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को मुंबई के परेल बस डिपो के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐसे कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड करने और जांच के बाद नौकरी से बर्खास्त करने के निर्देश दिए। मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। औचक निरीक्षण के दौरान सरनाईक ने ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए बने रेस्ट रूम का दौरा किया, जहां कई स्थानों पर शराब की खाली बोतलें मिलीं। कुछ कर्मचारियों से शराब की गंध आने पर नशे में ड्यूटी करने का संदेह भी जताया गया। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री ने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि ऐसी अनुशासनहीनता अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है। प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकार बाहर ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों के लिए रेस्ट हाउस और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर लगातार निवेश कर रही है। इसके बावजूद यदि इन सुविधाओं का दुरुपयोग शराब पीने जैसी हरकतों के लिए किया जा रहा है, तो यह न केवल अनुशासनहीनता है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाने वाला कर्मचारी सिर्फ दुर्घटनाओं को ही नहीं बुलाता, बल्कि एमएसआरटीसी की सुरक्षा और विश्वसनीयता को भी कमजोर करता है। मंत्री ने एमएसआरटीसी के सुरक्षा और सतर्कता विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश देते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सरनाईक ने ड्यूटी पर आने वाले सभी कर्मचारियों, विशेषकर ड्राइवरों के लिए ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य कर दिया। टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। शनिवार के निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं की जांच के लिए एक अलग विभागीय जांच समिति गठित करने के भी आदेश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डिपो की साफ-सफाई, शौचालय सुविधाओं और बस संचालन व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा कि एमएसआरटीसी में अनुशासन और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




