
मुंबई। राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने एम्स नागपुर के बालरोग विभाग के साथ बच्चों में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के प्रभावी नियंत्रण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस पहल को बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में अहम बताते हुए कहा कि गैर-संचारी रोगों पर नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
जिला अस्पतालों में बनेंगे विशेष एनसीडी क्लिनिक
इस समझौते के तहत राज्य के सभी जिला अस्पतालों में “चाइल्डहुड एनसीडी क्लिनिक्स” स्थापित किए जाएंगे। इन क्लिनिक्स के माध्यम से टाइप-1 मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग, अस्थमा, मोटापा, सिकल सेल, मानसिक स्वास्थ्य और विकासात्मक विकार जैसे रोगों की रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण, मानकीकृत उपचार प्रणाली, डेटा संग्रह और विशेषज्ञ मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
तीन वर्षों तक लागू रहेगा समझौता
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया यह समझौता अगले तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, उपलब्धता और समावेशिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. कादंबरी बलकवडे, उप सचिव विलास बेंद्रे, डॉ. प्रशांत जोशी और डॉ. मीनाक्षी गिरीश सहित अन्य अधिकारी तथा एम्स नागपुर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




