Saturday, February 7, 2026
Google search engine
HomeCrimeरोहित शेट्टी के घर फायरिंग की साज़िश: रेकी, अवैध हथियार, एन्क्रिप्टेड चैट...

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की साज़िश: रेकी, अवैध हथियार, एन्क्रिप्टेड चैट और इंटरनेशनल फंडिंग लिंक का खुलासा

मुंबई। फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर से जुड़ी फायरिंग की साज़िश के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में रेकी, अवैध हथियारों की सप्लाई, एन्क्रिप्टेड ऐप के ज़रिए साज़िश और संभावित इंटरनेशनल फंडिंग लिंक सामने आए हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 20 जनवरी को आरोपी सिद्धार्थ येनपुरे और समर्थ पुणे से मुंबई एक दोपहिया वाहन लेकर आए थे और शूटर के लिए विले पार्ले रेलवे स्टेशन के बाहर एक होंडा डियो स्कूटर पार्क किया गया था। संदिग्ध शूटर, जो बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है, अपने चार-पांच साथियों के साथ मुंबई में रुका था और कथित तौर पर घटना से पहले रोहित शेट्टी के घर की तीन से चार बार रेकी की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी स्वप्निल सकट से एक पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और एक एयर गन बरामद की है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर मुख्य साज़िशकर्ता और फरार आरोपी शुभम रामेश्वर लोनकर के निर्देश पर नए गिरफ्तार आरोपी आसाराम फसाले ने स्वप्निल को उपलब्ध कराए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक वारदात में किया गया है।
फंडिंग और संभावित इंटरनेशनल लिंक
पुलिस ने कोर्ट को जानकारी दी है कि इस साज़िश को अंजाम देने के लिए भारी मात्रा में फंडिंग का इंतज़ाम किया गया था। इस रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर स्कूटर और अपराध में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान खरीदने में किया गया। पुलिस बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है ताकि पैसों के स्रोत का पता लगाया जा सके।
इसके अलावा, एक सोशल मीडिया पोस्ट में फायरिंग की ज़िम्मेदारी लेने वाले एक विदेशी गैंग का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां संभावित इंटरनेशनल लिंक की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय आपराधिक साज़िश नहीं, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।
एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और आगे की जांच
जांचकर्ताओं को पता चला है कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप ‘सिग्नल’ के ज़रिए आपस में संपर्क में थे। पकड़े जाने से बचने के लिए कुछ आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से ऐप डिलीट कर दिया था। पुलिस ने पांचवें आरोपी का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि डिलीट किया गया डेटा और चैट रिकवर की जा सके। मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता अज्ञात शूटर और फरार मास्टरमाइंड शुभम लोनकर को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है। इसके साथ ही, अपराध में इस्तेमाल किए गए अन्य हथियारों और वाहनों की बरामदगी, आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ और पूरे नेटवर्क की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि हाल ही में हुई पांचवें आरोपी की गिरफ्तारी से इस पूरे आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने में अहम मदद मिलेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments