
मुंबई। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की अपने दिवंगत पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने मंगलवार को भावुक प्रतिक्रिया दी। रितेश ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग समाज और जनता के लिए जीते हैं, उन्हें किसी बयान या दावे से भुलाया नहीं जा सकता। 47 वर्षीय अभिनेता ने वीडियो में हाथ जोड़ते हुए कहा कि जो लोग लोगों के दिलों में बसते हैं, उनका नाम किसी दीवार या शहर से नहीं, बल्कि जनता की स्मृति से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि लिखी हुई चीज़ें मिटाई जा सकती हैं, लेकिन जो दिलों में लिखा होता है, उसे कोई नहीं मिटा सकता। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और इसे उनके पिता की विरासत की सधी हुई लेकिन गहरी रक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, सोमवार को लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी नेता रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखकर वह सौ प्रतिशत कह सकते हैं कि विलासराव देशमुख की यादें लातूर से “मिटा दी जाएंगी।” इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस पार्टी ने चव्हाण की टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सत्ता के घमंड का प्रतीक बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि विलासराव देशमुख ने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के विकास और जनता की सेवा में समर्पित किया, और उनकी विरासत को मिटाने की बात करना न केवल असंवेदनशील है बल्कि इतिहास और जनभावनाओं से भी अनभिज्ञता को दर्शाता है।
रितेश देशमुख के बयान के बाद यह विवाद और गहरा गया है। कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि किसी नेता की विरासत चुनावी भाषणों से नहीं, बल्कि उसके काम और जनता के भरोसे से तय होती है।




