
‘छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान’ को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर
मुंबई। राज्य में नागरिकों को राजस्व सेवाएं सरल, तेज और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों के महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में राज्यमंत्री योगेश कदम, अपर मुख्य सचिव विकास खारगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 7 और 14 मार्च को आयोजित अभियान का पहला चरण सफल रहा, जिसमें लाखों नागरिकों के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा किया गया। राजस्व मंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि नागरिकों के विश्वास से जुड़ा है। इसलिए गांव से लेकर शहर तक हर शिविर में लोगों के काम प्राथमिकता से और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। अभियान के तहत गांव स्तर पर आयोजित शिविरों में ‘एक खिड़की प्रणाली’ के माध्यम से 57,152 आवेदनों का निपटारा किया गया। इसमें 44,776 फेरफार (म्यूटेशन) मामलों का समाधान कर जमीन के रिकॉर्ड अपडेट किए गए, जबकि 17,414 सातबारा सुधार से जुड़े आवेदन भी तेजी से निपटाए गए। तकनीक के उपयोग से 1,90,162 डिजिटल सातबारा, 1,22,739 आठ-अ उतारे और 2,46,453 प्रमाणपत्र नागरिकों को वितरित किए गए, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। इसके अलावा भूसंपादन और अकृषक अनुमति से जुड़े हजारों मामलों में भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रिकॉर्ड अपडेट किए गए। मंत्री बावनकुळे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक आवेदन पर तय समय में निर्णय लिया जाए और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, अभियान की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरण करने पर भी जोर दिया गया।




