Friday, February 6, 2026
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ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल सीढ़ी’ अग्निशमन वाहन फिर सेवा में, मुंबई के लिए गर्व का क्षण: मुख्यमंत्री फडणवीस


मुंबई। ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा वर्ष 1937 में निर्मित ‘टर्न टेबल सीढ़ी’ अग्निशमन वाहन एक बार फिर बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अग्निशमन दल की सेवा में शामिल हो गया है। इस अवसर को मुंबईकरों के लिए गौरव का क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह वाहन न केवल तकनीकी इतिहास का प्रतीक है, बल्कि मुंबई अग्निशमन दल के साहस और समर्पण की भी याद दिलाता है। सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इस ऐतिहासिक अग्निशमन वाहन का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी, अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी, मुंबई अग्निशमन दल के प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रविंद्र आंबुलगेकर, उद्योगपति गौतम सिंघानिया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई अग्निशमन दल न केवल देश में बल्कि विश्व के सबसे सक्षम अग्निशमन दलों में गिना जाता है। इसके जवानों ने समय-समय पर अपने प्राणों की आहुति देकर नागरिकों की जान बचाई है। ‘टर्न टेबल सीढ़ी’ जैसे ऐतिहासिक वाहन ने अतीत में कई कठिन अभियानों में अहम भूमिका निभाई है और आज इसका पुनर्जतन होकर दोबारा सेवा में लौटना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उल्लेखनीय है कि यह ‘टर्न टेबल सीढ़ी’ युक्त अग्निशमन वाहन वर्ष 1937 में इंग्लैंड की लेलैंड (Leyland) कंपनी में निर्मित किया गया था और 24 सितंबर 1941 को इसे मुंबई अग्निशमन दल के बेड़े में शामिल किया गया। उस समय ऊंची इमारतों, गोदामों और बंदरगाह क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए यह अत्याधुनिक तकनीक मानी जाती थी। पूरी तरह लोहे की संरचना वाली इस सीढ़ी को हाथ से संचालित यांत्रिक प्रणाली द्वारा घुमाया जा सकता था। इस वाहन ने 14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह में खड़े एस.एस. फोर्ट स्टिकिन मालवाहक जहाज में लगी भीषण आग के दौरान ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। जहाज में गोला-बारूद, विस्फोटक और ईंधन भरा होने के कारण आग ने भयावह रूप ले लिया था। ऐसी स्थिति में मुंबई अग्निशमन दल के जवानों ने इसी ‘टर्न टेबल सीढ़ी’ वाहन की मदद से ऊंचे गोदामों में लगी आग बुझाने, फंसे लोगों को बचाने और घायलों को सुरक्षित नीचे उतारने का कठिन कार्य किया। इस हादसे में कई लोगों की जान गई, लेकिन अग्निशमन कर्मियों के अथक प्रयासों से अनेक जीवन बचाए जा सके। समय के साथ यह वाहन अनुपयोगी हो गया था और मुंबई अग्निशमन दल मुख्यालय, भायखला अग्निशमन केंद्र में स्मृति-चिह्न के रूप में संरक्षित रखा गया था। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने इसके पुनर्जतन की संकल्पना प्रस्तुत की। उद्योगपति गौतम सिंघानिया के सहयोग से वाहन के पुनर्संवर्धन का कार्य आरंभ हुआ, जिसे जे.के. इन्वेस्टर्स बॉम्बे लिमिटेड की सुपर कार क्लब गैराज में अंजाम दिया गया। कई दशकों से बंद पड़े इस वाहन को दोबारा चालू करना एक बड़ी चुनौती थी। इसकी पुरानी यांत्रिक प्रणाली को दुरुस्त करना और मूल स्वरूप के अनुरूप स्पेयर पार्ट्स तैयार करना आसान नहीं था, क्योंकि मूल पुर्जे उपलब्ध नहीं थे। इसके लिए पुराने तकनीकी दस्तावेजों, नक्शों और रिकॉर्ड्स का अध्ययन किया गया और आधुनिक तकनीक की सहायता से नए पुर्जों का निर्माण किया गया। आज यह ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल सीढ़ी’ अग्निशमन वाहन पूरी तरह कार्यक्षम होकर फिर से सेवा के लिए तैयार है। आयुक्त भूषण गगराणी की संकल्पना, उद्योगपति गौतम सिंघानिया के सहयोग और अभियंताओं की शोधात्मक व रचनात्मक क्षमता के चलते मुंबई अग्निशमन दल की इस धरोहर को नई जीवनरेखा और नई चमक मिली है।

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