
अकोला। महाराष्ट्र के अकोला जिले में सोमवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के 60 वर्षीय सेवानिवृत्त इंजीनियर संजय कौशल की उनके ही अपार्टमेंट के बाहर दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह भयावह हमला रानपीसे नगर स्थित मुरलीधर टावर्स के गेट के पास करीब शाम 7:45 बजे हुआ और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई। मृतक संजय कौशल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय कौशल के छोटे भाई थे। वे अपार्टमेंट के मुख्य द्वार के पास एक कुर्सी पर बैठे थे, जब आरोपी ने उन पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान महेंद्र विश्वासराव पवार के रूप में हुई है, जो एक कुख्यात अपराधी है और पहले से कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। हमले के समय वह एक अन्य मामले में जमानत पर बाहर था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कहासुनी के बाद पवार ने पास ही पड़ी लोहे की कुदाल उठाई और कौशल पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पवार ने कौशल के सिर पर कई वार किए और जब तक आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए दौड़े, तब तक वह अपना हमला बेरहमी से जारी रखे हुए था। घायल अवस्था में कौशल को अकोला जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संजय कौशल और महेंद्र पवार के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी और हालिया दिनों में उनके बीच फिर से विवाद उभर आया था। सोमवार शाम इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और चंद मिनटों के भीतर ही यह खून-खराबे में तब्दील हो गया। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी पवार को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के पीछे की असली वजह जानने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पवार की आपराधिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए उसके खिलाफ पहले से भी कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। यह घटना न केवल अकोला के नागरिकों के लिए गहरा सदमा है, बल्कि शहर की सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटा है कि जमानत पर रिहा एक हिस्ट्रीशीटर इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम देने में सफल रहा।




