
मुंबई। सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से इस वर्ष के उत्सव के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत की वैश्विक शक्ति और स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर जागरूकता फैलाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जवानों को समर्पित विशेष दृश्य प्रस्तुत किए जाएँ। उन्होंने मंडलों से प्रशासन के साथ समन्वय करके उत्सव को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाने की भी अपील की। बुधवार को सह्याद्री अतिथि गृह में कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिए कि गणेश भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, गृह राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर व योगेश कदम, मुख्य सचिव राजेश कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने मूर्ति निर्माताओं के लाइसेंस हर वर्ष नवीनीकरण कराने और नगर निगम की सिंगल विंडो योजना का लाभ उठाने पर जोर दिया। साथ ही विसर्जन व्यवस्था के तहत कृत्रिम झीलों की संख्या बढ़ाने और समुद्र तट पर ऊँची प्रतिमाओं के गहरे समुद्र में विसर्जन के लिए नावों की संख्या में वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गणेशोत्सव को राजकीय उत्सव का दर्जा दिया है और इस वर्ष भी पिछली बार की सभी रियायतें बरकरार रहेंगी। उत्सव के दौरान कानून का पालन, धार्मिक सद्भाव बनाए रखना और ईद-ए-मिलाद के साथ समयावधि में पड़ने वाले कार्यक्रमों में शांति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लाउडस्पीकर अनुमति की अवधि बढ़ाने के लिए भी न्यायालय के दायरे में सकारात्मक पहल की जाएगी। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि यदि मंडल प्रशासन को लिखित में बताएँ कि उनके कार्यालय व्यावसायिक उपयोग में नहीं हैं, तो ऐसे कार्यालयों पर संपत्ति कर नहीं लगाया जाएगा। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव इकबाल सिंह चहल, पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी, गणेशोत्सव समन्वय समिति अध्यक्ष गणेश दहीबावकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न समितियों के पदाधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के मनपा आयुक्त, पुलिस आयुक्त व जिला पुलिस अधीक्षक भी जुड़े।




