
सुभाष आनंद
पिछले दिनों पाकिस्तान की 4 महिला पत्रकार बांग्ला देश की यात्रा पर गई थी, यहां उन्होंने बांग्ला देश में देह व्यापार में लिप्त करीब 3 लाख महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए संयुक्त बयान में कहा था कि 90 फीसदी महिलाओं को ऐसे स्टीरॉयड की लत है जो जानवरों को मोटा करने के लिए दिया जाता है। पाकिस्तान मानवधिकार आयोग की आयशा अंजुमन का कहना है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में छोटी लड़कियों को जानवरों वाले स्टीरॉयड दिए जाते हैं, ताकि वे जल्द ही जवान और आकर्षक दिख सकें। इन महिलाओं का कहना है कि एशियन देशों में महिलाओं के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जा रहा है। वहीं पाकिस्तान की मशहूर वकील अंजुम रहीम ने कहा है कि एशियन देशों खासकर बंगला देश में महिलाओं का जिस प्रकार शोषण किया जा रहा है, उस पर बात करने की खास जरुरत है। एशियन देशों में महिलाओं के शोषण की बातें दुनियाभर के समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है। वहीं मुस्लिम देशों में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचारों को भी विदेशी समाचार पत्र प्रथम पन्नों पर प्रकाशित कर रहे है। पाकिस्तान की महिला वकील अह्मद वकीला का कहना है कि अनेक कंपनियां एशियाई देशों में अपना कारोबार चमकाने के लिए कई प्रकार के अश्लील विज्ञापनों का सहारा ले रही है। उधर, बांग्लादेश में वेश्यावृति को कानूनी मान्यता प्राप्त है ओर सरकारी मान्यता प्राप्त वेश्याएं अपने अच्छे शरीर के दम पर अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए रोज स्टीरॉयड्स का प्रयोग कर रही है, जोकि शरीर के लिए हानिकारक तो होता है लेकिन शरीर को हष्टपुष्ट बनाता है। बांग्लादेश में वेश्याएं वेश्यालयों की स्वामी जिन्हें वे मैडम कहती हैं, उनके अधीन जीवन व्यतीत करती है। अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा उन्हें देना पड़ता है। ऐसे में इन ड्रग के अति हानिकारक प्रभावों को जानने के बावजूद वेश्याएं अधिक कमाई की आशा में अपनी इच्छा से इस ड्रग का सेवन करती है और शीघ्र ही इन छोटी आयु की लड़कियों को इस नशे की लत लग जाती है। जिसके बाद उसे छोड़ने का मन होने पर भी वह इसे छोड़ नहीं सकती।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2024 में कई वेश्याओं की जानवरों वाले स्टीरॉयड लेने से मौत हो चुकी है। बांग्लादेश की सरकार ने इस पर सख्त कार्रवाई करने की धमकी दी थी। सैक्स वर्कस कैम्पेन ग्रुप ने ब्रिटिश संस्था एक्शन एड से इसके बारे में पड़ताल करवाने की मांग की थी। ढ़ाका के बुद्धिजीवी कमल हुसैन का कहना है कि लड़कियों की मौत के रहस्य से पर्दा उठते ही बांग्ला देश के वेश्यालयों में हड़कंप मच गया है, सरकार स्टीरॉयड बंद करने पर विचार कर रही है। उनके अनुसार वेश्यालयों में प्राय: कमजोर और दुबली-पतली लड़कियां ही आती है। ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए उन्हें मांसल शरीर पाने हेतु कई प्रकार के उपाय करने पड़ते है, जबकि स्टीरॉयड जादू की छड़़ी की भांति काम करता है। चंद ही दिनों में दुबली-पतली लड़कियां मांसल बनकर उभरती है, और भारी शरीर ग्राहकों को अच्छा लगता है।
डाक्टरों के अनुसार बड़े पैमाने पर जानवरों को दिए जाने वाले स्टीरॉयड लिए जाने के कारण हृदय रोग, गुर्दा फेल होना, मोटापा ओर ओस्टियोपोरोसिस जैसे जानलेवा रोग हो सकते है। इन स्टेरॉयड का दो-तीन महीने लगातार प्रयोग करने पर शरीर पर खतरनाक प्रभाव देखने को मिल सकते है। कई वेश्याएं वर्षों से इसका लगाातर प्रयोग कर रही है। इसके प्रयोग से कई बार किडनी की समस्याएं खड़़ी हो रही है। वैसे बांग्ला देश में बिना डाक्टरों की पर्ची के कोई दवा लेना-देना अपराध है, लेकिन कैमिस्टों की दुकानों पर बड़े धड़ल्ले से ये स्टेरॉयड्स बेचे जा रहे है, यहां तक कि यह चाय की दुकानों पर भी उपलब्ध है। 40 वर्षीय हसीना का कहना है मैं 20 वर्ष की आयु से वेश्यावृति के धंधे में काम कर रही हूं, तब से दवा ले रही हूं। अब दवाई की मुझे लत लग चुकी है और मैं इसे छोड़ नहीं पा रही हूं।




