
मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव 2026 की आहट के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में मेयर पद को लेकर बयानबाजी तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा है कि मुंबई का अगला मेयर सत्ताधारी महायुति गठबंधन से ही होगा और वह हिंदू तथा मराठी होगा। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान फडणवीस ने कहा कि मुंबई का सबसे बड़ा नागरिक पद महायुति के पास रहेगा और यह शहर की सांस्कृतिक पहचान को प्रतिबिंबित करेगा। उनके इस बयान ने चुनावी राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। इससे पहले मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम के उस बयान ने विवाद खड़ा कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी ‘खान’ सरनेम वाले किसी व्यक्ति को मुंबई का मेयर नहीं बनने देगी। इस टिप्पणी को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने बीजेपी पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया। इस सियासी खींचतान को और हवा तब मिली जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे, जिन्होंने हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन किया है, ने ऐलान किया कि मुंबई का मेयर मराठी होगा और उनके गठबंधन से ही आएगा। इससे साफ हो गया है कि मेयर पद अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि पहचान, शक्ति और राजनीतिक प्रभाव की प्रतीकात्मक लड़ाई बन चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक इंटरव्यू में ये टिप्पणियां कीं। उस वक्त वे मुंबई की अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन में यात्रा कर रहे थे और विभिन्न राजनीतिक सवालों के जवाब दे रहे थे। पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह को लेकर उठे विवाद पर फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सिंह की कथित टिप्पणियां मुंबई से संबंधित नहीं थीं और वे पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता भी नहीं हैं। इससे बीजेपी ने खुद को उस बयान से अलग करने की कोशिश की, जिसमें कृपाशंकर सिंह ने मीरा-भायंदर नगर निगम में उत्तर भारतीय, हिंदी भाषी मेयर बनाए जाने की बात कही थी। इस बीच मुख्यमंत्री ने हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्यभर में 130 नगर परिषद अध्यक्ष पदों और 3,000 से अधिक पार्षद सीटों पर जीत हासिल की है, जो महायुति की मज़बूती को दर्शाता है। गौरतलब है कि बीएमसी सहित महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को प्रस्तावित हैं और मतगणना अगले दिन होगी। ऐसे में मेयर पद को लेकर दिए जा रहे ये बयान आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और अधिक गरमाने के संकेत दे रहे हैं।




