
वी बी माणिक
मुंबई। मध्य रेल मंडल में पिछले दो महीने से मेल, एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों का संचालन लगातार आधे से एक घंटे की देरी से हो रहा है, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी है। इस देरी की जिम्मेदारी यात्रियों के अनुसार डीआरएम हिरेश मीना और सीनियर डीओएम आदिश पठानिया पर डाली जा रही है, जिन्हें लापरवाह और निष्क्रिय अधिकारी बताया जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि मध्य रेल के महाप्रबंधक धर्मवीर मीना हर सप्ताह पंक्चुअलिटी मीटिंग लेते हैं, फिर भी ट्रेनें समय पर नहीं चल रहीं। दादर और सीएसएमटी स्टेशनों पर यात्री कई बार स्टेशन मास्टर के कार्यालय में हंगामा कर चुके हैं, क्योंकि सुबह ऑफिस के समय ट्रेनों की देरी से पहुंचने के कारण लोग समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाते। आरोप है कि अधिकारियों की शिथिलता के कारण रेलवे कर्मचारियों में भी लापरवाही बढ़ गई है। अधिकांश कर्मचारी न तो समय पर ऑफिस आते हैं और न ही ड्यूटी के पूरे घंटे पूरा करते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी घर से ही हाजिरी लगाकर यूनियन गतिविधियों में जुट जाते हैं। यात्रियों ने सवाल उठाया है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव क्या इन ‘फोकट पगार’ लेने वाले लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर उन्हें सम्मानित करेंगे और झूठे वादों से यात्रियों को गुमराह करते रहेंगे। लगातार हो रही देरी से यात्रियों में गहरा रोष है और चेतावनी दी जा रही है कि इसका नुकसान अंततः रेलवे को ही भुगतना पड़ेगा।




