
मुंबई। कुर्ला स्थित जामसाहब मुकदम व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र के पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर देसी खेल मैदान में ओलंपियन खशाबा जाधव पारंपरिक देसी क्रीड़ा महाकुंभ का उद्घाटन खेल एवं युवा कल्याण मंत्री एडवोकेट माणिकराव कोकाटे और कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया। इस अवसर पर लोढ़ा ने घोषणा की कि ओलंपियन खशाबा जाधव के नाम पर प्रतिवर्ष सरकारी स्तर पर पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संदेश में कहा गया कि आज के मशीनी युग में बच्चों की घटती शारीरिक गतिविधियों के बीच स्वदेशी खेलों का पुनरुद्धार एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विभाग द्वारा स्वदेशी खेलों के लिए मैदान उपलब्ध कराने की सराहना की। मंत्री कोकाटे ने पारंपरिक खेलों को सरकारी मान्यता, शिव छत्रपति पुरस्कार, सरकारी लाभ और खिलाड़ियों की नियुक्तियों के लिए प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में लंगड़ी, रस्सीकूद और लगोरी जैसे खेलों को अनिवार्य करने पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान लाठीकठी, मल्लखंभ, तलवारबाजी और अन्य साहसिक खेलों का प्रदर्शन हुआ। यह महाकुंभ 22 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 20,000 प्रतियोगी 18 विभिन्न स्वदेशी खेलों में भाग लेंगे। उद्घाटन समारोह में मुंबई उपनगरीय जिला कलेक्टर सौरभ कटियार, व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय की निदेशक माधवी सरदेशमुख, क्रीड़ा भारती के कोषाध्यक्ष गणेश देवरुखकर, मुंबई अध्यक्ष मिलिंद डांगे और खशाबा जाधव के पुत्र रंजीत जाधव उपस्थित रहे।




