
मुंबई। सरकारी कामकाज को अधिक गतिशील, प्रभावी और समयबद्ध बनाने हेतु सूचना प्रबंधन, समय नियोजन, कार्य की निगरानी और रिपोर्टिंग में नवाचार तकनीक का उपयोग आवश्यक है, ऐसा मत कृषि आयुक्त सूरज मांढरे ने व्यक्त किया। वे मंत्रालय के परिषद सभागृह, 6वीं मंजिल पर आयोजित “टेक वारी: महाराष्ट्र टेक लर्निंग वीक” के अंतर्गत ‘प्रभावी तकनीकी उपयोग’ विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विकास नाईक, महाराष्ट्र सदन (नई दिल्ली) की निवासी आयुक्त आर. विमला, और प्रशिक्षणार्थी भी उपस्थित थे। श्री मांढरे ने गूगल कीप, एवरनोट, माइक्रोसॉफ्ट वन नोट, गूगल ड्राइव, ड्रॉपबॉक्स, क्लिकअप, माइक्रोसॉफ्ट टू डू, गूगल कैलेंडर, गूगल शीट्स और टेलीग्राम जैसे डिजिटल टूल्स का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका सही उपयोग प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता, गति और कार्यकुशलता सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने कहा कि “टेक्नोलॉजी एक समान अवसर देने वाला मंच है, जो भेदभाव नहीं करती। अब मेहनत से अधिक स्मार्ट कार्य प्रणाली अपनाने की आवश्यकता है।
डॉ. विकास नाईक ने ‘Any.do’ जैसे टास्क मैनेजमेंट ऐप और Microsoft Excel के क्षेत्रीय डेटा प्रबंधन में उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक का समुचित उपयोग ही सरकारी कार्य प्रणाली में व्यावसायिकता और उत्तरदायित्व ला सकता है।उन्होंने ‘महाराष्ट्र सिविल सर्विस’ पोर्टल और ‘महासंपर्क’ एप्लिकेशन की जानकारी देते हुए बताया कि ये प्लेटफॉर्म नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। डॉ. नाईक ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी की विभिन्न योजनाएं तकनीक और नवाचार के समन्वय को बढ़ावा देती हैं, जिससे शासन प्रणाली को अधिक उत्तरदायी और जनकेंद्रित बनाया जा सकता है। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र शासन की प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है।




