
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) को उस समय बड़ा झटका लगा जब पुणे शहर के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। दादर स्थित तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मौजूदगी में जगताप ने कांग्रेस में प्रवेश किया। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने एनसीपी-एसपी से इस्तीफा दे दिया था। बताया जा रहा है कि 15 जनवरी को होने वाले पुणे नगर निगम (पीएमसी) चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार गुट के साथ एनसीपी-एसपी के प्रस्तावित गठबंधन से वह असंतुष्ट थे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने नगर निकाय चुनावों को लेकर अब तक अकेले लड़ने का रुख अपनाया है और एनसीपी-एसपी के साथ गठबंधन नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि इससे पहले पार्टी ने शिवसेना (यूबीटी) और अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के तहत चुनावी तालमेल की संभावना भी जताई थी। कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रशांत जगताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्पष्ट किया कि उन्होंने एनसीपी-एसपी से इस्तीफा देने के बाद भी शरद पवार, सांसद सुप्रिया सुले और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है। उन्होंने कहा कि इन्हीं नेताओं की वजह से वह एक कार्यकर्ता के रूप में आगे बढ़े और उनके प्रति सम्मान पहले भी था, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश न किया जाए और उन नेताओं को निशाना न बनाया जाए, जो उनके लिए सम्माननीय हैं।




