
मुंबई। मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स ने हाल के दिनों में तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में लगभग 45 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स और दो मामलों में करीब 3.50 करोड़ रुपये का सोना ज़ब्त किया है। कस्टम्स सूत्रों के मुताबिक, विशेष खुफिया जानकारी और स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ड्रग और गोल्ड स्मगलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में कस्टम्स अधिकारियों ने बैंकॉक से अलग-अलग उड़ानों से मुंबई पहुंचे कुल आठ यात्रियों को रोका। जांच के दौरान तीन मामलों में इन यात्रियों के पास से कुल 44.05 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत करीब 44.05 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक अन्य मामले में बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से 950 ग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड ज़ब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 95 लाख रुपये आंकी गई है। इन सभी मामलों में आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच और आरोपियों के बयानों से संकेत मिले हैं कि इन मामलों में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। जांच अभी शुरुआती चरण में है और ड्रग कार्टेल के मुख्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। सोने की तस्करी के मामलों में भी कस्टम्स को बड़ी सफलता मिली है। एक मामले में एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री और मुंबई एयरपोर्ट पर कार्यरत एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की मिलीभगत सामने आई। इस कार्रवाई में 1,300 ग्राम 24 कैरेट सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.65 करोड़ रुपये बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंधित सोना एक ट्रांजिट यात्री ने एयरपोर्ट पर सेल्स एसोसिएट के रूप में काम कर रहे स्टाफ सदस्य को सौंपा था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य मामले में एक बांग्लादेशी ट्रांजिट यात्री और एयरपोर्ट के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की संलिप्तता सामने आई, जहां कुल 1,450 ग्राम सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 1.84 करोड़ रुपये है। यह सोना छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के डोमेस्टिक डिपार्चर एरिया में एक काउंटर पर कार्यरत स्टाफ सदस्य को सौंपा गया था। इस मामले में भी बांग्लादेशी यात्री और संबंधित स्टाफ सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। कस्टम्स अधिकारियों का कहना है कि इन मामलों में आगे की जांच जारी है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जा रही है।





