
यवतमाल। यवतमाल में चिंतामणि कृषि उपज बाजार समिति द्वारा आयोजित भव्य रामकथा प्रवचन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मोरारी बापू की वाणी से रामकथा सुनना सहस्रनाम का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से हम रामकथा सुनते आ रहे हैं, लेकिन मोरारी बापू की आवाज़ में रामकथा सुनना जीवन को दिशा देने वाला अनुभव है। रामकथा सबसे सुंदर कथा है, जिसमें त्याग, तपस्या, तेज, अनुशासन और भावनाओं का संगम है। यही कारण है कि प्रभु श्रीराम को “मर्यादा पुरुषोत्तम” कहा जाता है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि रामकथा सुनना जीवन का मार्ग प्रशस्त करने जैसा है। आज पाँच सौ वर्षों के बाद प्रभु राम अयोध्या में अपने उचित स्थान पर विराजमान हैं, यह प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मोरारी बापू से अर्थपूर्ण रामकथा सुनना सभी के लिए आनंद और सौभाग्य का क्षण है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी और वरिष्ठ पत्रकार जवाहरलाल दर्डा के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘पेन एंड पर्पस’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जवाहरलाल दर्डा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, महाराष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका और संस्कृति व उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को उजागर करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी के बाद डॉ. विजय दर्डा समाज को प्रेरित करने वाले कार्य कर रहे हैं और उनकी वजह से ही यवतमाल में मोरारी बापू की रामकथा का लाभ मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जवाहरलाल दर्डा की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी किए गए 100 रुपये के स्मारक सिक्के को मोरारी बापू को समर्पित किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर मुख्यमंत्री ने मोरारी बापू का शॉल और श्रीफल से अभिनंदन भी किया। कार्यक्रम में पालकमंत्री संजय राठौड़, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर, सांसद संजय देशमुख, विधायक बालासाहेब मंगुलकर, किशोर जोरगेवार, राजू तोडसम, अधिवक्ता आशीष देशमुख, किसनराव वानखेड़े, सैताई दहाके और आयोजक डॉ. विजय दर्डा व राजेंद्र दर्डा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




