
मुंबई। मराठा–कुणबी जात प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में हैदराबाद गजेटियर के आधार पर सितंबर 2025 में जारी शासन निर्णय के बाद मराठवाड़ा राजस्व विभाग के आठों जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इन आवेदनों को लंबित न रखा जाए और प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ऐसे स्पष्ट निर्देश जलसंपदा (गोदावरी व कृष्णा खोरे विकास महामंडळ) मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को गांव स्तर तक जाकर सक्रिय रूप से कार्य करने के भी निर्देश दिए। मंगलवार को मंत्रालय में मराठा आरक्षण उपसमिति की बैठक जलसंपदा मंत्री तथा उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटील की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, पूर्व न्यायमूर्ति संभाजी शिंदे, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। छत्रपती संभाजीनगर संभाग के आयुक्त और मराठवाड़ा के आठों जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री विखे पाटील ने कहा कि उपसमिति और पूर्व न्यायमूर्ति संभाजी शिंदे द्वारा दी गई सिफारिशों का प्रभावी क्रियान्वयन कर जात प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र वितरण में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन ने मराठा–कुणबी जात प्रमाणपत्र देने के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए हैं और हैदराबाद गजेटियर के आधार पर शासन निर्णय के अनुसार ही कार्रवाई की जानी चाहिए। जिलों में चल रही प्रक्रिया की नियमित समीक्षा संभागीय आयुक्तों द्वारा की जाए, ऐसा भी उन्होंने निर्देश दिया। मंत्री ने बताया कि सितंबर 2025 के बाद प्राप्त आवेदनों और जारी प्रमाणपत्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। पूर्व न्यायमूर्ति संभाजी शिंदे मराठवाड़ा के विभिन्न जिलों का दौरा कर अधिकारियों को मार्गदर्शन देंगे, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि मराठा समाज के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, शैक्षणिक एवं परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति जैसे लाभ दिए जा रहे हैं। इसके लिए ओबीसी विभाग, चिकित्सा शिक्षा और कृषि विभाग के साथ समन्वय कर विशेष बैठक आयोजित की जानी चाहिए। शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने भी मराठा–कुणबी उम्मीदवारों के जात प्रमाणपत्र आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने और प्रक्रिया में मौजूद त्रुटियों को दूर करने के निर्देश दिए। बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव गणेश पाटील और संभागीय आयुक्त जितेंद्र पापळकर ने जात प्रमाणपत्र वितरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। जिलाधिकारियों ने निवास प्रमाण, वंशावली और वर्ष 1967 से पूर्व के दस्तावेजों के आधार पर नियमों के अनुसार की जा रही कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया।




