
मुंबई। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों तथा शहरी क्षेत्रों में ‘मेनोपॉज क्लिनिक’ शुरू किए गए हैं। यह जानकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने दी। उन्होंने कहा कि मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण चरण होता है, लेकिन इस दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव, मानसिक तनाव, हार्मोन असंतुलन, हड्डियों की समस्याएं, नींद संबंधी विकार और अवसाद जैसी परेशानियों पर अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था। इसी आवश्यकता को पहचानते हुए राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष ‘मेनोपॉज क्लिनिक’ शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्यमंत्री बोर्डीकर ने बताया कि इन क्लिनिकों के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, हड्डियों, हृदय और हार्मोन से संबंधित जांच, आवश्यक दवाइयां और मार्गदर्शन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार इस तरह के ‘मेनोपॉज क्लिनिक’ शुरू करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य बन गया है और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उठाया गया यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक चरण है। हालांकि इस दौरान महिलाओं को शारीरिक और मानसिक सहयोग की विशेष आवश्यकता होती है। राज्य की प्रत्येक महिला को इस चरण में सही परामर्श, उपचार और सम्मान मिल सके, इसी उद्देश्य से मेनोपॉज क्लिनिक की शुरुआत की गई है।




