
मुंबई। मराठा आरक्षण को लेकर शुक्रवार को आज़ाद मैदान में माहौल तनावपूर्ण रहा। आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि आरक्षण की मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा तथा और बड़ी संख्या में लोग मुंबई का रुख करेंगे। मुंबई पुलिस ने जरांगे को आज़ाद मैदान में एक और दिन प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी है, जिससे वे शनिवार को भी अपना आंदोलन जारी रख सकेंगे। दिनभर सैकड़ों प्रदर्शनकारी मैदान में डटे रहे, जबकि कई को भोजन, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक सुविधाएं बंद कर दी गईं और आसपास की चाय की दुकानें भी जबरन बंद करवाई गईं, जिससे उन्हें आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध नहीं हो सकीं। कई परिवार रेलवे स्टेशनों और अपनी कारों में रात बिताने को मजबूर रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जरांगे ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार को गरीब मराठों को तुरंत आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी, अगर आप समय सीमा एक दिन और बढ़ाते हैं, तो हमारी मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। या तो हमें आरक्षण दीजिए या गोली मार दीजिए। उन्होंने सरकार पर भरोसा तो जताया, लेकिन कहा कि उसे निर्णय लेने में और देरी नहीं करनी चाहिए। जरांगे ने प्रदर्शनकारियों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, स्टेशनों पर, कारों में सो जाओ, लेकिन किसी को परेशान मत करो। मैं अपनी सीमाओं में रहकर शांतिपूर्ण आंदोलन करूंगा। आप चाहें तो गोलियां भी चलें, मुझे जेल भेज दीजिए, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा। जैसे-जैसे रात गहराती गई, आंदोलन स्थल पर अनिश्चितता का माहौल और गहरा होता गया। जरांगे की चेतावनी ने मुंबई पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।