
मुंबई। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में सभी ऑटो रिक्शा परमिट और बैच वितरण की व्यापक पुनः जांच के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों को 1 मई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यह निर्देश विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा की गई शिकायतों के बाद दिए गए। वांद्रे स्थित जिल्हाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में परिवहन मंत्री सरनाईक की अध्यक्षता में राज्यभर के परिवहन अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, अतिरिक्त आयुक्त भरत कळसकर और उपसचिव चेतन निकम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परिवहन मंत्री ने कहा कि परमिट जारी करने की प्रक्रिया भले ही ऑनलाइन हो, लेकिन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परमिट दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेष रूप से मीरा-भाईंदर क्षेत्र में कुछ विदेशी नागरिकों द्वारा फर्जी निवासी प्रमाणपत्र के आधार पर ऑटो और टैक्सी परमिट हासिल करने के मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को पिछले कुछ वर्षों में जारी किए गए परमिटों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस विशेष अभियान की शुरुआत मीरा-भाईंदर क्षेत्र से की जाएगी। इसके तहत एक माह का विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें हर परमिट और दस्तावेज की बारीकी से जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।



