
मुंबई। मुंबई की सफ़ाई व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में जल्द ही 988 नए अत्याधुनिक कचरा इकट्ठा करने वाले वाहन शामिल किए जाएंगे, जो मौजूदा पुराने हरे कॉम्पैक्टरों की जगह लेंगे। मुंबई में प्रतिदिन करीब 7,000 टन कचरा उत्पन्न होता है। इस चुनौती से निपटने के लिए बीएमसी का यह नया बेड़ा कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था को अधिक तेज़, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें 144 इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) शामिल हैं, जो कचरा प्रबंधन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगे। यह पहल मुंबई को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नए वाहनों में उन्नत तकनीकी सुविधाएं दी गई हैं। हाइड्रोलिक क्लोजिंग सिस्टम और मज़बूत फ़्लोरिंग के कारण कचरे से निकलने वाला तरल पदार्थ सड़कों पर नहीं गिरेगा, जिससे गंदगी और बदबू की समस्या में कमी आएगी। इसके अलावा, इन वाहनों में आगे और पीछे कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे कचरा संग्रहण प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी। बेड़े में अलग-अलग क्षमता के वाहन शामिल होंगे—संकरी गलियों के लिए 600 किलोग्राम तक कचरा उठाने वाले छोटे वाहन और मुख्य सड़कों के लिए 7 टन क्षमता वाले बड़े कॉम्पैक्टर। इससे शहर के विविध इलाकों में जरूरत के अनुसार वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा। बीएमसी ने सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया है। पहली बार ड्राइवर केबिन में एयर-कंडीशनर लगाए जाएंगे, जिससे गर्मी और खराब मौसम में काम करना आसान होगा।
इन वाहनों को नया नीला और सफेद रंग दिया जाएगा, जो मौजूदा हरे रंग के वाहनों की जगह लेगा। इस पूरी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और सितंबर तक पूरे बेड़े के संचालन में आने की संभावना है। करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना मुंबई के कचरा प्रबंधन ढांचे में अब तक के सबसे बड़े और व्यापक सुधारों में से एक मानी जा रही है, जो शहर को साफ़, स्मार्ट और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।




