बाबा रामदेव की कंपनी दिव्या फार्मेसी पर एफडीए की बड़ी कार्रवाई: लाखों रुपये की दवाओं का स्टॉक जब्त

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे का सख्त संदेश — “जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे”

मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने बाबा रामदेव से जुड़ी दिव्या फार्मेसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में लाखों रुपये की दवाओं का स्टॉक जब्त किया है। यह कार्रवाई गंभीर बीमारियों के इलाज को लेकर “गारंटीड”, “चमत्कारिक” और भ्रामक दावे करने वाले विज्ञापनों के मामले में की गई है। बता दे कि महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) में नवनियुक्त आयुक्त तुकाराम मुंढे ने पदभार संभालते ही भ्रामक दवाओं और फर्जी विज्ञापनों के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के इतिहास में पहली बार किसी आयुक्त ने कार्यभार ग्रहण करते ही इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है, जिससे अवैध दवा कारोबारियों और लोगों को गुमराह करने वाले विज्ञापन करने वालों में हड़कंप मच गया है। मुंढे ने साफ कहा है कि “गारंटीड इलाज”, “चमत्कारी असर” और प्रतिबंधित दावों वाले विज्ञापनों के जरिए दवाएं बेचने वालों को अब किसी भी कीमत पर राहत नहीं मिलेगी। 25 मई 2026 को पदभार संभालने के तुरंत बाद आयुक्त मुंढे ने राज्यभर के अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत 29 मई 2026 को मुंबई, कोंकण, पुणे, नाशिक, अमरावती, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर सहित कई विभागों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया गया। महाराष्ट्र के सह आयुक्त (औषध) गणेश रा.रोकडे ने बताया कि कई आयुर्वेदिक दवाओं के विज्ञापनों में गंभीर बीमारियों के इलाज को लेकर भ्रामक और प्रतिबंधित दावे किए जा रहे थे, जो Drugs and Magic Remedies (Objectionable Advertisements) Act 1954 का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान नागपुर में दिव्या फार्मेसी की दवाओं का 7,26,755 मूल्य रुपए का स्टॉक जब्त किया गया। नासिक में 7,10,945 रुपए, पुणे में 14,68,981रुपए, जबकि मुंबई में नियमों के उल्लंघन के मामले में 1,85,600 रुपए मूल्य की दवाएं जब्त की गईं। Konkan विभाग में 18,58,000 रुपए मूल्य का स्टॉक जब्त किया गया। वहीं अमरावती में औषध निरीक्षकों की कार्रवाई के दौरान 1,42,229 रुपएमूल्य की दवाएं जब्त की गईं और छत्रपती संभाजीनगर में 48,718 रुपए मूल्य का स्टॉक जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे विभाग में दो एलोपैथिक मिसब्रांडेड दवाओं का 21.83 लाख रुपए का स्टॉक भी जब्त किया गया। एफडीए के इस विशेष अभियान में कुल 73.24 लाख रुपए से अधिक मूल्य का माल जब्त किया गया। आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा अन्य संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खाद्य और दवाएं हर नागरिक का मूलभूत अधिकार हैं और इसे सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एफडीए ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक विज्ञापन के आधार पर स्वयं दवा सेवन न करें, क्योंकि इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विभाग जल्द ही शिकायतों के लिए एक मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर भी शुरू करेगा, ताकि नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें।

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