
मुंबई। राज्य के प्रशासनिक केंद्र मंत्रालय से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, अर्थ व नियोजन विभाग में कक्ष अधिकारी के रूप में कार्यरत विलास लाड को खारघर क्षेत्र में सापळा (ट्रैप) रचकर पकड़ा गया। आरोपी अधिकारी पर ग्राम विकास विभाग का निधि मंजूर करने के बदले 6 लाख 37 हजार रुपये की भारी रिश्वत लेने का आरोप है।एसीबी अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद योजना बनाकर कार्रवाई की गई और आरोपी को रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई से मंत्रालय और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि हाल ही में एफडीए मंत्री नरहरी झिरवाल के कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उनके निजी सचिव गाड़े की भूमिका संदिग्ध बताई गई, जिसके बाद उनकी बदली कर दी गई।लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से, मार्च महीने में एसीबी की लगातार कार्रवाइयों को ‘फाइनेंशियल ईयर एंड’ से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अब अप्रैल के पहले सप्ताह में भी कार्रवाई जारी रहने से यह साफ संकेत मिल रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जितनी राशि रिश्वत के रूप में ली जा रही थी, वह आम नागरिक की सालाना आय से भी अधिक है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और आम जनता के शोषण का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।




