
मुंबई। महाराष्ट्र में 11 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2027 तक का कालखंड महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की द्विशताब्दी जयंती वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह उनके कार्यों और विचारों को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उनके जीवन और कार्यों पर आधारित कार्यक्रमों की वार्षिक दिनदर्शिका तैयार कर पूरे वर्ष सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाए। मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि समिति से जुड़े प्रत्येक विभाग कम से कम 2 से 3 प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करें और उनकी विस्तृत योजना 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि खानवडी (ता. पुरंदर, जिला पुणे) स्थित महात्मा फुले के मूल गांव के जिला परिषद स्कूल का कायाकल्प किया गया है। द्विशताब्दी वर्ष की शुरुआत 11 अप्रैल को इसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय के लोकार्पण से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वर्षभर कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए एक उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए। महात्मा फुले के जीवन और विचारों पर आधारित साहित्य का बहुभाषीय अनुवाद कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि विभिन्न भाषाओं के लोग उनकी विचारधारा से जुड़ सकें। स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस अभियान में निजी विद्यालयों को भी शामिल किया जाए। बैठक में विभिन्न मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी देते हुए सुझाव प्रस्तुत किए। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव अतुल पाटणे ने भी इस अवसर पर विस्तृत जानकारी दी।




