
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की नदियों को प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘राज्य नदी पुनरुज्जीवन प्राधिकरण’ की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में मंगलवार को राज्य की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे ने नवी दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल से उनके निवास पर मुलाकात कर प्रस्ताव का विस्तृत सादरीकरण किया। मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि यदि इस प्राधिकरण को मंजूरी मिलती है तो यह देश का पहला ऐसा प्राधिकरण होगा। इस विशेष बैठक के दौरान मंत्री पंकजा मुंडे ने महाराष्ट्र में चल रहे जल एवं पर्यावरण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नदियों की स्वच्छता के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ राज्य स्तर पर एक स्वतंत्र, मजबूत और सुनियोजित तंत्र का होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश की अनेक नदियां विभिन्न राज्यों से होकर गुजरती हैं, ऐसे में यदि प्रत्येक राज्य अपनी भौगोलिक सीमा के भीतर नदी स्वच्छता और पुनरुज्जीवन के लिए प्रभावी योजनाओं को लागू करे, तो नदियों को पूरी तरह प्रदूषणमुक्त करना संभव हो सकेगा। मंत्री मुंडे ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रक्रिया से भविष्य में नदियों की पवित्रता और उनकी प्राकृतिक संरचना को बनाए रखने में देश को बड़ी सफलता मिलेगी। प्रस्ताव पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन किया और महाराष्ट्र द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना की। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। बैठक में राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय (एनआरसीडी) के निदेशक राजेश कुमार, महाराष्ट्र के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव जयश्री भोज सहित केंद्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





