
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) ने राजस्व वृद्धि, दक्षता और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए एक व्यापक ‘पाँच-सूत्री योजना’ तैयार की है। शुक्रवार को परिवहन मंत्री और एसटी निगम के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने मुंबई स्थित निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में बताया कि डिपो स्तर से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय तक अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए निगम को सुधार, गति और नियमितता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर सहित सभी लेखा प्रमुख, क्षेत्रीय प्रबंधक और विभाग नियंत्रक उपस्थित थे।
योजना के तहत डिपो पर सुबह 10 बजे, मंडल स्तर पर 11 बजे और क्षेत्रीय स्तर पर दोपहर 12 बजे नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य कर दी गई हैं। इन बैठकों में यात्रियों की शिकायतों, रद्द यात्राओं, खराब वाहनों और अनुपस्थित कर्मचारियों की जांच करके कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। अगले दिन की परिवहन योजना डिपो, संभाग और क्षेत्रीय स्तर पर शाम 4 से 6 बजे तैयार की जाएगी, जिससे सभी परिस्थितियों में बस सेवा सुचारू बनी रहे। चालकों के लिए स्पष्ट दक्षता लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। डीज़ल लागत के आधार पर केपीटीएल (प्रति 10 लीटर किलोमीटर) और डिपो की दैनिक सीपीकेएम (संचयी प्रति किलोमीटर आय) के अनुसार आय लक्ष्य तय होंगे। कम प्रदर्शन करने वाले चालकों को परामर्श, प्रशिक्षण और आवश्यकतानुसार कार्यभार परिवर्तन के माध्यम से सुधार करने का अवसर मिलेगा। एसटी समय सारिणी को ‘परिवहन व्यवस्था की आत्मा’ मानते हुए लंबी दूरी और मध्यम दूरी के मार्गों का वैज्ञानिक पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। 1 जनवरी से बस स्टॉप-वार नई समय सारिणी लागू कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। लंबी दूरी और मध्यम दूरी की बसों के लिए आरक्षण उपलब्धता, लोड फैक्टर प्रबंधन, उच्च लोड वाले दिनों में अतिरिक्त ट्रिप और मार्ग पर पर्यवेक्षण जैसी व्यवस्थाएँ लागू की जाएंगी।
यात्री सुविधाओं को केंद्र में रखते हुए स्वच्छ और सुव्यवस्थित बस स्टैंड, दिन में कम से कम तीन बार शौचालयों का निरीक्षण, विलंबित या रद्द बस सेवाओं की जानकारी, वैकल्पिक व्यवस्था और अधिकारियों के संपर्क नंबरों का प्रचार सुनिश्चित किया जाएगा। डिपो प्रबंधकों को शिकायतों की शीघ्र पहचान, रिकॉर्डिंग और समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री सरनाईक ने कहा कि ये पाँच बिंदु केवल निगम के वित्तीय पुनरुद्धार के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत नहीं हैं, बल्कि पूरे परिवहन ढांचे में सुधार लाने की ठोस रणनीति हैं। योजना का उद्देश्य एसटी निगम को एक तेज़, नियमित, दक्ष और यात्री-केंद्रित संस्था बनाना है, ताकि महाराष्ट्र के लाखों यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके।




