
दावोस। दावोस में चल रहे पांच दिवसीय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के पहले ही दिन महाराष्ट्र को रिकॉर्ड निवेश मिला है। राज्य के लिए कुल 14 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते (एमओयू) किए गए हैं, जिससे लगभग 15 लाख नई रोजगार संभावनाएं सृजित होंगी। इससे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह कथन सार्थक सिद्ध हुआ है कि महाराष्ट्र भारत में उद्योग और निवेश का “गेटवे ऑफ इंडिया” है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत की प्रमुख उपस्थिति में उद्योग, निवेश और सेवा विभाग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग प्रतिनिधियों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। हरित ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात निर्माण, आईटी-आईटीईएस, डेटा सेंटर, ईवी-ऑटोमोबाइल, जहाज निर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में यह निवेश मुंबई सहित रत्नागिरी, पालघर, गडचिरोली और अहिल्यानगर जैसे क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे औद्योगिक विकास के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। दावोस में महाराष्ट्र पवेलियन का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार, भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में दुनिया का स्वागत कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किए गए समझौतों की प्रभावी अमल प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ‘वॉर रूम’ के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी और निवेशकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि निवेशकों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए इस वर्ष पिछले साल से भी अधिक निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से मुंबई में ठोस कचरा प्रबंधन, वायु और जल गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही एमएमआर क्षेत्र के विकास और ‘तीसरी मुंबई’ के निर्माण के लिए आर्थिक सलाहकार समिति द्वारा तैयार रोडमैप के जरिए रोजगार सृजन पर जोर दिया जा रहा है। आगामी दो दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, जहाज निर्माण, ईवी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी और निवेश समझौते होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित महाराष्ट्र उद्योग, व्यापार और निवेश सुविधा कक्ष (मैत्री) की सक्रिय भूमिका के चलते इस वर्ष निवेशकों का महाराष्ट्र की ओर रुझान और मजबूत हुआ है। इसके अलावा कोका-कोला, आईकिया और स्कोडा ऑटो जैसी वैश्विक कंपनियों ने भी महाराष्ट्र में निवेश और विस्तार की इच्छा जताई है। कार्लसबर्ग के सीईओ जैकब एंडरसन ने राज्य के उद्योग-अनुकूल वातावरण और नीति की सराहना करते हुए भविष्य में आईपीओ लाने की योजना की भी जानकारी दी।




