
मुंबई। महाराष्ट्र में मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और अब तक 14 मामलों में मकोका के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। इस मामले में राज्य सरकार की नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। यह जानकारी बुधवार को राज्य के राज्यमंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में प्रश्नोत्तर काल के दौरान दी। यह प्रश्न सदस्य शशिकांत शिंदे ने उठाया था, जिस पर सदस्य सतेज पाटिल, अनिल परब और प्रवीण दरेकर ने पूरक प्रश्न पूछे। राज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि राज्य में बढ़ती नशीले पदार्थों की समस्या पर नियंत्रण के लिए सरकार ने एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करना और इसके पीछे काम कर रही पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाना है। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वालों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मादक पदार्थों की सप्लाई चेन पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और कच्चा माल उपलब्ध कराने वालों पर भी मकोका के तहत कार्रवाई की जा रही है। राज्यमंत्री ने बताया कि सातारा जिले के जावली तालुका में सामने आए मादक पदार्थ प्रकरण में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और सभी के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कुछ स्थानों पर बंद पड़े कारखानों या ग्रामीण क्षेत्रों में बने शेड में छिपकर मादक पदार्थ बनाने की घटनाएं सामने आई हैं। इसे देखते हुए पुलिस और एमआईडीसी प्रशासन द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे स्थानों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस तंत्र को सतर्क रखा गया है, ताकि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।




