
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी (महापारेषण) ने नागपुर जिले के कुही तालुका में 220/33 के.वी. पचगाँव सबस्टेशन और उससे जुड़ी 220 के.वी. कन्हान-उमरेड़ लिलो लाइन (22 सर्किट किमी) का निर्माण निर्धारित समय से आठ महीने पहले पूरा कर चालू कर दिया है। मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपलब्धि के लिए महापारेषण की सराहना की। ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव आभा शुक्ला के मार्गदर्शन और महापारेषण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. संजीव कुमार के नेतृत्व में यह परियोजना रिकॉर्ड समय में पूरी की गई। सबस्टेशन के शुरू होने से कुही तालुका और आसपास के ग्रामीण इलाकों के घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को उचित दबाव और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। परियोजना का कार्य 11 अप्रैल 2026 तक पूरा होना था, लेकिन सूक्ष्म योजना और तेज कार्यान्वयन के चलते इसे 16 अगस्त 2025 को ही पूरा कर चालू कर दिया गया। इस परियोजना का ठेका मेसर्स प्रकाश इलेक्ट्रिकल्स इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन, रत्नागिरी को दिया गया था। महापारेषण के निदेशक (परियोजना) अविनाश निंबालकर और नागपुर मंडल के मुख्य अभियंता सतीश अणे के मार्गदर्शन में इंजीनियरों की टीम ने यह कार्य तय समय से पहले कर दिखाया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता जयेश कोल्हे और संजय वधे की योजना और सिविल इंजीनियरिंग टीम के समर्पण ने अहम भूमिका निभाई। डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए महापारेषण समय पर परियोजनाएँ पूरी करने के लिए नई पहलें कर रहा है। वहीं, अविनाश निंबालकर ने आश्वस्त किया कि 200 करोड़ रुपये से अधिक की सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा। यह उपलब्धि उस समय महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब बिजली परियोजनाएँ अक्सर कानूनी अड़चनों और विभागीय अनुमतियों के कारण लंबित रहती हैं।




