
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। माघ मेला 2026 पूरे भव्य और दिव्य स्वरूप में चल रहा है। देश–विदेश से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच इटली से आई महिला पर्यटक लुक्रेजिया खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। माघ मेले के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने भारत को “एक जादुई देश” बताया और कहा कि यहां की संस्कृति, लोग, भोजन और हिंदू धर्म उनके दिल के बेहद करीब हैं। मीडिया से बातचीत में लुक्रेजिया ने बताया कि यह उनकी तीसरी भारत यात्रा है और हर बार भारत ने उन्हें पहले से कहीं अधिक गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा-मैं अपने पिता के साथ दुनियाभर में यात्रा करती हूं, लेकिन भारत मेरे दिल में एक खास जगह रखता है। यहां की ऊर्जा, आध्यात्मिकता और लोगों की आत्मीयता अद्भुत है। यही कारण है कि हम बार-बार यहां लौटते हैं। लुक्रेजिया ने बताया कि वह पहली बार 2024 में भारत आई थीं, फिर 2025 में महाकुंभ में शामिल हुईं और अब 2026 में माघ मेले के लिए प्रयागराज पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के बाद वे वाराणसी जाने की योजना बना रही हैं, जिसे दुनिया का सबसे प्राचीन शहर माना जाता है। इस समय लुक्रेजिया 10 दिनों की भारत यात्रा पर हैं। उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु से मिले जीवन–दर्शन के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- मेरे गुरु मुझे दया, करुणा और अनावश्यक चीजों को छोड़ना सिखाते हैं। वे कहते हैं कि स्वयं को स्वीकार करना सबसे बड़ी सीख है। उन्होंने सब कुछ त्याग दिया है, इसलिए उनके पास सब कुछ है। मुझे उनका जीवन जीने का तरीका बहुत प्रेरक लगता है।
44 दिनों तक चलने वाला माघ मेला
माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ त्रिवेणी संगम पर हुई थी। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे और इसका समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ होगा। माघ मेले के पहले शाही स्नान में विभिन्न सनातन परंपराओं से जुड़े संतों और महात्माओं ने भाग लिया। अब तक लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, केवल 3 जनवरी को ही लगभग 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इस वर्ष प्रमुख स्नान तिथियों में 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 18 जनवरी (मौनी अमावस्या), 23 जनवरी (बसंत पंचमी), 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर माघ मेले के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। मेला क्षेत्र और पूरे शहर में 1,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी 24 घंटे निगरानी एक केंद्रीकृत कमांड सेंटर से की जा रही है। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर, आधुनिक उपकरण और सक्रिय जल पुलिस के माध्यम से भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी, मजबूत प्रशासनिक व्यवस्थाएं और गहरी आध्यात्मिक भावना के साथ माघ मेला 2026 ने एक बार फिर प्रयागराज को आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के शाश्वत केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।




