
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के पूर्व निदेशक राजेंद्र नरपतमल लोढ़ा और अन्य के खिलाफ जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बुधवार को मुंबई में 14 ठिकानों पर छापेमारी कर लगभग 59 करोड़ रुपये की चल संपत्ति- नकदी, बैंक बैलेंस, सावधि जमा, डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और करोड़ों की अचल संपत्तियों को जब्त और फ्रीज कर दिया। ईडी की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। यह जांच उस प्राथमिकी पर आधारित है जिसमें मुंबई पुलिस ने लोढ़ा और अन्य पर धोखाधड़ी, आधिकारिक पद के दुरुपयोग, कंपनी की संपत्तियों की अनधिकृत बिक्री और झूठे दस्तावेज़ों के जरिये सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। ईडी के अनुसार, लोढ़ा ने निदेशक मंडल की मंजूरी के बिना कंपनी की अचल संपत्तियों को कम कीमत पर अपनी प्रॉक्सी संस्थाओं और सहयोगियों को बेचकर कंपनी की परिसंपत्तियों का दुरुपयोग किया। वह कथित तौर पर एमओयू के माध्यम से जमीन की कीमतें बढ़ाकर दिखाते थे, विक्रेताओं के जरिए अतिरिक्त राशि नकद में निकलवाते थे और इस तरह कंपनी के धन को डायवर्ट करते थे। जांच से यह भी सामने आया कि लोढ़ा ने अपने सहयोगियों और संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर इन धोखाधड़ी गतिविधियों के जरिए निजी संपत्ति अर्जित की, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। ईडी की यह कार्रवाई लोढ़ा डेवलपर्स से जुड़े कथित आर्थिक अपराध मामले को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर ले आई है।




