
डॉ अंशुमान अग्निहोत्री
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। बहुचर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत और सजा निलंबन के आदेश पर तत्काल रोक लगा दी है, जिसके चलते सेंगर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में सेंगर की अपील लंबित होने और लंबे समय से जेल में बंद रहने का हवाला देते हुए उसकी सजा निलंबित कर जमानत मंजूर की थी, जिसके बाद पीड़िता, उसके परिवार और कई सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखी गई थी। इस फैसले को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और दलील दी थी कि इतने गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को इस स्तर पर जमानत देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, वहीं पीड़िता की ओर से भी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई गई थीं। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि जब तक मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक कुलदीप सिंह सेंगर को रिहा नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में उन्नाव की एक युवती ने तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया और 2020 में दिल्ली की विशेष अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की आगे विस्तृत सुनवाई होगी और तब तक सेंगर को जेल में ही रहना पड़ेगा, जिसे पीड़िता और उसके समर्थकों ने न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया है।




