Wednesday, February 18, 2026
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महाराष्ट्र के आईटीआई छात्रों को मिलेगी डिज़ास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग: मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा

स्किल डेवलपमेंट विभाग और अनिरुद्ध एकेडमी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

मुंबई। राज्य में आपदा प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महाराष्ट्र सरकार के स्किल डेवलपमेंट, एम्प्लॉयमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की पहल पर पूरे महाराष्ट्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के लगभग दो लाख छात्रों को चरणबद्ध तरीके से डिज़ास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस संबंध में बुधवार को अनिरुद्ध एकेडमी ऑफ डिज़ास्टर मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट विभाग के तहत डायरेक्टरेट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और सक्षम भारत के विजन के अनुरूप युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैसे इंटरनेशनल योगा डे और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बना रहे हैं, उसी तरह डिज़ास्टर मैनेजमेंट प्रशिक्षण भी युवाओं को आपदा के समय समाज की मदद करने के लिए तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में राज्य के आईटीआई में ‘क्रीड़ा महाकुंभ’ जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं और अब डिज़ास्टर मैनेजमेंट प्रशिक्षण को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाएं बिना चेतावनी के आती हैं, ऐसे समय में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों की बड़ी भूमिका हो सकती है, जो जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों की मदद कर सकें। अनिरुद्ध एकेडमी ऑफ डिज़ास्टर मैनेजमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के 419 सरकारी आईटीआई के छात्रों को मुफ्त और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डायरेक्टर ऑफ वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग श्रीमती माधवी सरदेशमुख ने कहा कि आपदाओं का स्वरूप लगातार बदल रहा है, इसलिए युवाओं को प्रभावी रिस्पॉन्स देने के लिए आवश्यक कौशलों से लैस करना समय की जरूरत है। अकादमी के प्रतिनिधि हरीश महाजन के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा की तैयारी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और रेस्क्यू ऑपरेशन पर विशेष फोकस रहेगा। इस अवसर पर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के डिप्टी डायरेक्टर सतीश सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे। यह पहल भविष्य में राज्य स्तर पर एक प्रशिक्षित वॉलंटियर फोर्स तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर सकेगी।

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