Thursday, February 19, 2026
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मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल: राज्य में 2,399 नए उपचारों को मंजूरी, महंगे प्रत्यारोपण हेतु बनेगा विशेष कोष

मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसाइटी की नियामक परिषद की बैठक में सोमवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के संयुक्त अंतर्गत 2,399 नए उपचारों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये से अधिक लागत वाले अंग प्रत्यारोपण उपचारों के लिए एक विशेष कोष (कॉर्पस फंड) बनाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक वर्षा निवास पर आयोजित हुई, जिसमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, राज्य मंत्री माधुरी मिसाल उपस्थित रहे। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबितकर और महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक में सचिव वीरेंद्र सिंह और महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अन्नासाहेब चव्हाण ने जनवरी से सितंबर 2025 तक की प्रगति रिपोर्ट और अध्ययन समिति की सिफारिशें प्रस्तुत कीं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आरोग्य मित्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। जिन तालुकों में 30 बिस्तरों वाले अस्पताल नहीं हैं, वहाँ उपलब्ध अस्पतालों को योजना में शामिल किया जाए और निजी अस्पतालों को भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने योजना की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐप और चैटबॉट विकसित करने का सुझाव दिया। साथ ही, योजना में शामिल अस्पतालों को समय पर भुगतान करने पर बल दिया, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि हृदय, फेफड़े, किडनी और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण जैसे महंगे उपचारों के लिए विशेष फंड का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 25 नए उपचारों को भी शामिल किया गया है।
बैठक में हुए प्रमुख निर्णय

  • महात्मा फुले और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 2,399 उपचारों को मंजूरी।
    *पाँच लाख से अधिक लागत वाले अंग प्रत्यारोपण उपचारों के लिए विशेष कोष की स्थापना।
  • ग्रामीण व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को योजना में शामिल किया जाएगा।
  • उपचार मूल्य निर्धारण और चिकित्सा दिशानिर्देशों को मंजूरी।
  • गुणवत्ता प्रमाण पत्र धारक और आकांक्षी जिलों के अस्पतालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि।
  • लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और नगरीय विकास विभागों के अस्पतालों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
  • राज्य के 438 उपचारों को नई टीएमएस 2.0 प्रणाली के अनुरूप बनाया जाएगा।
    बैठक में वित्त विभाग की अपर मुख्य सचिव शैला ए., खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिल दिग्गीकर, स्वास्थ्य विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, विधि एवं न्याय विभाग की प्रमुख सचिव सुवर्णा केवले और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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