
यवतमाल। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को यवतमाल में कहा कि आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें तेजी से कार्य कर रही हैं। इसके लिए केंद्र सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया है और महाराष्ट्र में भी घर, सड़क, बिजली, पानी, छात्रावास और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के लिए योजनाएँ लागू की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले तीन वर्षों में आदिवासी समाज के जीवन में आमूल परिवर्तन दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने यवतमाल में 335 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और उपक्रमों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मृदा एवं जलसंवर्धन मंत्री व जिले के पालकमंत्री संजय राठौड़, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके, सांसद संजय देशमुख, विधायक राजू टोडसाम, किसानराव वानखेडे, सईताई डहाके, संजय डेरकर, श्याम कोडे, आदिवासी विकास विभाग के सचिव विजय वाघमारे, संभागीय आयुक्त श्वेता सिंघल, जिलाधिकारी विकास मीना सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि आदिवासी परिवारों को घर, नल से पानी, छात्रावास और अस्पताल जैसी सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं से आदिवासी विकास को गति मिली है। आदि कर्मयोगी योजना के तहत जिले के 366 गाँवों का चयन हुआ है और राज्य के 30 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्थानीय नेतृत्व विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुकंपा तत्व पर लंबित 15 हजार युवाओं को सेवाओं में अवसर दिया जाएगा। किसानों के लिए 35 मेगावॉट सौर ऊर्जा प्रकल्प से दिन में 12 घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है और 10 घंटे मुफ्त बिजली देने का भी नियोजन है। वर्षा से प्रभावित खेती, घर और पशुधन के नुकसान की भरपाई शीघ्र दी जाएगी। इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग के 51 करोड़ रुपये, निर्माण विभाग के 67 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा वाहिनी योजना अंतर्गत 158 करोड़ रुपये और अन्य विभागों के 59 करोड़ रुपये के कार्यों का शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन की ओर से मिशन कॉम्पिटिटिव एक्सीलेंस, ई-मित्र चैटबॉट, मिशन उभारी, समग्र डैशबोर्ड, प्रोजेक्ट सैंड मैप और शासन अपने मोबाइल पर जैसे कई नवोन्मेषी उपक्रम भी लॉन्च किए गए। इनमें ई-मित्र चैटबॉट के जरिए 34 योजनाओं की जानकारी नागरिकों को सिर्फ दो क्लिक में मिल सकेगी। वहीं, “उभारी” ऐप से आत्महत्या-प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए 17 विभागों की 25 योजनाएँ केंद्रित की गई हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान और नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजनाओं से जिले के 2 लाख 94 हजार किसानों को लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में अनुकंपा तत्व पर नियुक्त 27 उम्मीदवारों में से 4 को मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र भी दिए गए। विभिन्न विभागों की ओर से योजनाओं की जानकारी के कक्ष लगाए गए थे और बड़ी संख्या में नागरिक इस अवसर पर उपस्थित रहे।




