Saturday, February 14, 2026
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पीएम मोदी ने मन की बात में वोकल फॉर लोकल, स्वदेशी उत्सव और युवाओं के प्रेरक उदाहरणों पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम की 126वीं कड़ी में देशवासियों से आगामी त्यौहारों को वोकल फॉर लोकल के मंत्र के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना न केवल कारीगरों और युवा उद्यमियों के सपनों को साकार करेगा, बल्कि परिवार और समाज में भी खुशी लाएगा। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि त्यौहार केवल घरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता का ध्यान सड़कों, बाजारों और गांवों तक फैलना चाहिए।
महिलाओं की उपलब्धियों पर विशेष जोर
मोदी ने नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए नौसेना की दो महिला अधिकारियों—लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा—की रोमांचक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने नाविका सागर परिक्रमा के दौरान आठ महीने तक समुद्र में रहकर प्वाइंट नेमो पर भारतीय ध्वज फहराया और दुनिया में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली नागरिक बनीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन अधिकारियों का साहस देशभर की युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
छठ पूजा को वैश्विक मान्यता दिलाने का प्रयास
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छठ पूजा को वैश्विक उत्सव बताते हुए कहा कि इसे यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि इसी तरह कोलकाता की दुर्गापूजा पहले ही इस सूची में स्थान बना चुकी है।
भगत सिंह और लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि
इस कड़ी को विशेष बताते हुए प्रधानमंत्री ने शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी। भगत सिंह की निर्भीकता को याद करते हुए मोदी ने कहा कि फांसी से पूर्व उन्होंने अंग्रेजों से युद्धबंदी जैसा व्यवहार करने की अपील की थी। वहीं लता मंगेशकर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनके गीतों ने करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को झकझोरा और देशभक्ति की भावना को प्रबल किया।
गांधी जयंती और खादी का महत्व
मोदी ने महात्मा गांधी की जयंती का उल्लेख करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि 2 अक्टूबर को कोई न कोई खादी उत्पाद अवश्य खरीदें और उसे #VocalForLocal हैशटैग के साथ साझा करें। उन्होंने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में खादी के प्रति आकर्षण और बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आत्मनिर्भर भारत की कहानियां
प्रधानमंत्री ने नवाचार और परंपरा को जोड़ने वाले सफल स्टार्टअप्स की कहानियों का उल्लेख भी किया। तमिलनाडु के याज़ नेचुरल्स, झारखंड के जोहारग्राम ब्रांड और बिहार की संकल्प क्रिएशंस से जुड़ी महिलाओं और युवाओं की उपलब्धियों को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की जीवंत मिसाल बताया।
संघ की शताब्दी और राष्ट्रसेवा
मोदी ने कहा कि इस वर्ष की विजयादशमी विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना को 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने डॉक्टर के.बी. हेडगेवार की दूरदृष्टि को याद करते हुए कहा कि संघ ने राष्ट्रसेवा की परंपरा को बिना थके, बिना रुके आगे बढ़ाया है।
महर्षि वाल्मीकि और रामायण की धरोहर
कार्यक्रम में उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती और उनके रामायण योगदान की चर्चा करते हुए लोगों से अयोध्या में रामलला के दर्शन के साथ-साथ वाल्मीकि और निषादराज के मंदिरों के भी दर्शन करने का आग्रह किया।
भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रसार
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति के प्रसार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने फ्रांस के सांस्कृतिक संस्थान सौंत्ख मण्डप की 50वीं वर्षगांठ को सराहा। उन्होंने हाल ही में दिवंगत गायक ज़ुबिन गर्ग और विचारक एस.एल. भैरप्पा को श्रद्धांजलि भी दी। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आगामी त्योहारों, विशेषकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं और दोहराया कि वोकल फॉर लोकल ही भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे बड़ा मंत्र है।

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