
मीरा-भायंदर। काशीमीरा पुलिस की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच (यूनिट–1) ने एक सनसनीखेज फाइनेंशियल फ्रॉड मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कर्नाटक के एक व्यापारी को निवेश का झांसा देकर मीरा-भायंदर बुलाया गया, फिर होटल के कमरों में तीन दिन तक अवैध रूप से बंधक बनाकर बंदूक और चाकू की नोक पर धमकाते हुए उसके बैंक खाते से 2.17 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर ली गई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित शमंतकुमार शादक शरप्पा कारडर (31), निवासी शिमोगा जिला, कर्नाटक, को 15 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को “अंकित” बताया और उसकी कंपनी में फाइनेंशियल निवेश करने की इच्छा जताई। इसी बहाने उसे मीरा रोड ईस्ट के काशीमीरा क्षेत्र में बुलाया गया। काशीमीरा पहुंचने पर आरोपी पीड़ित को पहले ए.आर. पैराडाइज होटल और बाद में आर.के. प्रीमियर होटल एंड लॉज ले गया, जहां 15 दिसंबर से 18 दिसंबर 2025 के बीच उसे अलग-अलग कमरों में जबरन बंद रखा गया। इस दौरान आरोपी ने पिस्तौल दिखाकर और उसके साथी ने चाकू से धमकाकर पीड़ित से इंटरनेट बैंकिंग की पूरी जानकारी हासिल कर ली। इन जानकारियों का इस्तेमाल कर आरोपियों ने पीड़ित के एक्सिस बैंक करंट अकाउंट से बिना उसकी सहमति के कुल 2,17,63,287.07 रुपये के अनधिकृत ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर दिए। मामले की शिकायत पर काशीमीरा पुलिस ने 2 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109, 119(1), 127(3), 351(3), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए यूनाइटेड किंगडम के इंटरनेशनल मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था। हालांकि, तकनीकी और स्किल-बेस्ड जांच के जरिए क्राइम डिटेक्शन ब्रांच ने मुख्य आरोपी अंकित बापू थोम्ब्रे (40), निवासी मानपाड़ा, डोंबिवली ईस्ट, ठाणे, की पहचान कर ली और उसे 6 जनवरी 2026 को नवी मुंबई के शिलफाटा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने कुछ साथियों की मदद से इस संगठित ठगी को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए काशीमीरा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है और पुलिस इस पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।




