Tuesday, February 17, 2026
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अमरावती में 150 वर्ष पुराने रामदेव महाराज मंदिर की मूर्तियों का विध्वंस, हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने ट्रस्टियों की गिरफ्तारी की मांग की

अमरावती। अमरावती शहर के प्रभात चौक के पास स्थित गली में स्थित प्राचीन रामदेव महाराज मंदिर की मूर्तियों को तोड़कर अपमानित करने के मामले में सभी हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने संबंधित ट्रस्टियों पर कानूनी मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इस संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान, हिंदू जनजागृति समिति, राष्ट्रीय बजरंग दल, हिंदू हुंकार संगठन, राष्ट्रीय श्रीराम सेना, जय बाबारी मित्रपरिवार, गोड ब्राह्मण नवयुवक मंडल, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, हिंदू क्रांति सेना और हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया तथा जिलाधिकारी आशीष येरेकर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यह मंदिर लगभग 150 वर्ष पुराना है और अमरावती के ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान लक्ष्मण, श्री हनुमान, श्री गणेश, महादेव का शिवलिंग, नंदी महाराज की मूर्तियां तथा श्री रामदेव बाबा की समाधि स्थापित थीं। आरोप है कि श्रावण मास में ‘जीर्णोद्धार’ के नाम पर मंदिर के शिवलिंग, गणेश मूर्ति और नंदी महाराज की मूर्तियों को हथौड़ा-छेनी से तोड़कर उनका विसर्जन किया गया। इस दौरान आपत्ति जताने वालों को धमकियां भी दी गईं। ज्ञापन के अनुसार, रविवार 10 अगस्त 2025 को अवकाश का लाभ उठाकर ट्रस्टियों समेत चार लोगों ने यह विध्वंस किया और अब श्री रामदेव महाराज की समाधि तोड़ने का प्रयास भी जारी है। आरोप है कि ट्रस्टियों का उद्देश्य मंदिर को पूरी तरह जमींदोज कर उसकी जगह व्यावसायिक दृष्टि से लाभकारी इमारत खड़ी करना है। संगठनों का कहना है कि इस कृत्य से श्रावण मास में महादेव, गणेश और हनुमान की मूर्तियों का विध्वंस हुआ, जिससे भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और धार्मिक वातावरण दूषित हुआ। ज्ञापन में मांग की गई है कि ट्रस्टी मंडल की पूरी जांच कर उनकी आर्थिक लेन-देन की पड़ताल हो, धर्मादाय विभाग के माध्यम से कार्रवाई की जाए, निर्माण कार्य का परमिट, नक्शा और मनपा अभियंता से जांच हो, निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए और संबंधित ट्रस्टियों को गिरफ्तार किया जाए।

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