
मुंबई। राज्य के टसर रेशम उत्पादक किसानों को उनके उत्पादन का उचित और सुनिश्चित मूल्य दिलाने तथा पूर्व विदर्भ में टसर रेशम की वैल्यू चेन को और मजबूत करने के उद्देश्य से गडचिरोली जिले के आरमोरी में सरकारी टसर रेशम कोष बाजार स्थापित करने को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। यह निर्णय एकीकृत एवं सतत वस्त्रोद्योग नीति 2023–28 के अंतर्गत लिया गया है। इस परियोजना के लिए कुल 3.88 करोड़ रुपए के खर्च को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस आधुनिक टसर रेशम कोष बाजार के माध्यम से रेशम किसानों को खुले और पारदर्शी बाजार में अपने कोष बेचने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक और उचित दाम प्राप्त हो सकेंगे। इस बाजार से टसर रेशम के उत्पादन, भंडारण, नीलामी और विपणन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास होगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। परियोजना के तहत प्रशासनिक भवन, जलापूर्ति, स्वच्छता सुविधाएं, विद्युत व्यवस्था, दिव्यांगजनों के लिए सुलभ सुविधाएं, आंतरिक सड़कें और जल निकासी व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना का क्रियान्वयन रेशम संचालनालय के माध्यम से किया जाएगा तथा केंद्र सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह पहल टसर रेशम उत्पादक किसानों के लिए आर्थिक स्थिरता, बाजार में भरोसे और दीर्घकालीन, टिकाऊ आय का मजबूत आधार बनेगी। इस संबंध में शासन निर्णय भी जारी कर दिया गया है।




