
अजित पवार के साथ करीब 14 बैठकों का दावा,
अनिल देशमुख का बड़ा खुलासा
नागपुर। अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एनसीपी (शरद पवार) गुट के नेताओं का दावा है कि दोनों दलों के एकीकरण की इच्छा स्वयं अजित पवार की थी। इसी क्रम में एनसीपी (शरद पवार) गुट के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में अहम खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि अजित पवार के जीवित रहते दोनों गुटों के विलय को लेकर कई दौर की बातचीत हुई थी। अनिल देशमुख ने बताया, अजित पवार के साथ लगभग 14 बैठकें हुई थीं। इनमें से कई बैठकों में मैं स्वयं मौजूद था। हमारे अन्य वरिष्ठ नेता भी इन बैठकों का हिस्सा रहे। देशमुख ने कहा कि फिलहाल शोक की अवधि चल रही है, इसलिए अभी विस्तृत जानकारी देना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शोक काल समाप्त होने के बाद यह बताया जाएगा कि बैठकें कब हुईं, किन-किन नेताओं ने भाग लिया और उनमें क्या-क्या निर्णय लिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रिया सुळे और शरद पवार भी कुछ बैठकों में शामिल थे, इसलिए पार्टी नेतृत्व को इन बैठकों की पूरी जानकारी है। अजित पवार की मंशा को लेकर पूछे गए सवाल पर अनिल देशमुख ने कहा कि इस विषय पर उचित समय आने पर ही पूरी सच्चाई सामने रखी जाएगी। फिलहाल शोक के माहौल में इस तरह की राजनीतिक चर्चाओं से बचना चाहिए।




