
झांसी, उत्तर प्रदेश। दीनदयाल सभागार में आयोजित आवास विकास परिषद की नियोजन समिति की बैठक के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तीन किसान हाथ में ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल लेकर सभागार के अंदर पहुंच गए और अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए किसानों को रोक लिया और उनके हाथ से डीजल से भरी बोतल व माचिस छीनकर बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया। किसानों का आरोप है कि आवास विकास परिषद जबरन उनकी जमीन छीनना चाहती है। उन्होंने जमीन अधिग्रहण का विरोध करते हुए स्पष्ट रूप से जमीन देने से इनकार किया। बैठक के दौरान कोछाभांवर और टाकोरी मौजा के काश्तकारों और भूखंड स्वामियों की आपत्तियों पर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान किसानों ने सभागार के अंदर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद तीन किसानों ने आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया। इस दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस मामले में अपर जिलाधिकारी झांसी वरुण पांडेय ने बताया कि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं पर बातचीत की जा रही है और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। घटना के बाद जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।



