Saturday, February 7, 2026
Google search engine
HomeFashionप्रयागराज में मौनी अमावस्या विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन...

प्रयागराज में मौनी अमावस्या विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन का नोटिस

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। प्रयागराज संगम में मौनी अमावस्या पर स्नान न करने के बाद धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है। मेला प्राधिकरण ने सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे किस आधार पर अपने नाम के साथ ‘शंकराचार्य’ शब्द का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि वे ज्योतिषपीठ के अधिकृत शंकराचार्य नहीं हैं। नोटिस में 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है और चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि ब्रह्मलीन ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से जुड़े मामले सुप्रीम कोर्ट में अभी विचाराधीन हैं। मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से जारी इस पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 14 अक्टूबर 2022 के आदेश का जिक्र करते हुए कहा गया है कि जब तक शीर्ष अदालत की ओर से अपील का निस्तारण नहीं हो जाता या पट्टाभिषेक से संबंधित कोई अग्रिम आदेश पारित नहीं होता, तब तक कोई भी धर्माचार्य स्वयं को ज्योतिषपीठ का शंकराचार्य नहीं कह सकता। सूत्रों के मुताबिक, मेला क्षेत्र में आयोजित हो रहे धार्मिक कार्यक्रमों और शिविरों को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क है। सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए सभी धार्मिक आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि किसी भी पद, उपाधि या पहचान का गलत इस्तेमाल गंभीर विषय है। नोटिस सामने आने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि शंकराचार्य एक पारंपरिक धार्मिक पद है और इसमें प्रशासनिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। समर्थकों का आरोप है कि मेला प्रशासन धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है। वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है, चाहे वह धार्मिक व्यक्ति ही क्यों न हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments