
मुंबई। राज्य के बड़े शहरों में फैलते जा रहे नशीले पदार्थों के जाल पर नियंत्रण के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से देश में रहकर ड्रग्स तस्करी करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अब ‘डायनैमिक इमिग्रेशन सिस्टम’ लागू किया जाएगा, ऐसी जानकारी मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान दी। यह प्रश्न विधायक स्नेहा दुबे द्वारा राज्य में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर उठाया गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि कई नाइजीरियाई नागरिक शिक्षा या मेडिकल वीजा पर भारत आते हैं, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद जानबूझकर छोटे अपराधों में खुद को शामिल कर लेते हैं। जब तक उन मामलों का निपटारा नहीं होता, तब तक उन्हें उनके देश वापस नहीं भेजा जा सकता, जिसका फायदा ये अपराधी उठाते थे। अब केंद्र सरकार के निर्देशानुसार ऐसे छोटे मामलों को वापस लेकर उन्हें तत्काल उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक 68 नाइजीरियाई नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है, जबकि 122 नागरिक फिलहाल डिटेंशन सेंटर में हैं और उन्हें भेजने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि मुंबई आने वाले प्रत्येक विदेशी नागरिक का रिकॉर्ड इमिग्रेशन विभाग के पास होता है। अब पुलिस और इमिग्रेशन विभाग के बीच समन्वय प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे वीजा समाप्त होने के बाद भी देश में रह रहे लोगों की जानकारी तुरंत पुलिस को मिल सकेगी। साथ ही बिना वैध पासपोर्ट और वीजा वाले विदेशी नागरिकों को घर या स्थान किराए पर देने पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। ऐसे लोगों को शरण देने वाले मकान मालिकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ड्रग्स तस्करी में बार-बार शामिल होने वाले अपराधियों पर ‘मकोका’ के तहत कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस आयुक्तों को दिए गए हैं। इसके अलावा, ड्रग्स सेवन से जुड़े कैफे और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की जाएगी। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले होटल और प्रतिष्ठानों के लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने के लिए कानून में संशोधन लाने की प्रक्रिया भी शुरू है। ड्रग्स कारोबार में शामिल पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों को सीधे बर्खास्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि स्थानीय अपराध शाखा के प्रमुखों की जवाबदेही तय करने पर भी राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इस विषय पर हुई चर्चा में विधायक नानाभाऊ पाटोले, हेमंत ओगले, डॉ. राहुल पाटील और विलास तरे ने भी भाग लिया




