
मुंबई। प्रशासन को जनता के प्रति उत्तरदायी और गतिमान बनाने के उद्देश्य से उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग में जीरो पेंडेंसी और डेली डिस्पोजल (Zero Pendency and Daily Disposal) पहल का प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के तहत विभाग की लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से किया जा रहा है, और अब तक 4,470 मामले निपटाए गए हैं। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने 31 जनवरी तक विभाग में जीरो पेंडेंसी अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, मंत्री ने 1 फरवरी से शिक्षा सहसंचालक कार्यालयों का अचानक निरीक्षण करने और कार्यालयों के कामकाज की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। वे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का दौरा करेंगे और प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जानेंगे। लंबित मामलों के निपटारे के लिए कार्य योजना बनाई गई है, जिसमें प्रमुख रूप से अनुकंपा, चिकित्सा देयक, भविष्य निर्वाह निधि, अर्जित अवकाश नकदीकरण, वेतन निर्धारण और सेवानिवृत्ति मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन मामलों का निपटारा करने के लिए राज्यव्यापी मुहिम चलाई जा रही है, जिसमें सरकारी संस्थानों या विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों की अस्थायी उधारी पर सेवाएं ली जा रही हैं। इस पहल में अब तक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय के 1,490 में से 1,353 मामले और उच्च शिक्षा संचालनालय के 4,183 में से 3,117 मामले निपटाए गए हैं। कुल मिलाकर, 4,470 मामले निपटाए गए हैं और बाकी मामलों का निपटारा 31 जनवरी तक किया जाएगा।




